औरों की बात बहुत कर ली
कुछ अपनी बात सुनाता हूँ
है नाम मेरा ‘कुंदन अभिनव’
मै गीत हमेशा गाता हूँ
रहता हूँ बस अपनी धुन में
ना ग़म है कोई मेरे जीवन में
मै ‘झूठ’ का सच्चा पुजारी हूँ
सच कहने से घबराता हूँ
है नाम मेरा ‘कुंदन अभिनव’
मै गीत हमेशा गाता हूँ
दुनिया वाले सब दोस्त मेरे
दुश्मन है नहीं कोई मेरा
सब एक ख़ुदा के बन्दे हैं
फिर क्या तेरा और क्या मेरा
मिलना है सबको मिटटी में
मैं सच्ची बात बताता हूँ
है नाम मेरा ‘कुंदन अभिनव’
मै गीत हमेशा गाता हूँ
जो प्यार-मोहब्बत करते हैं
वो हर पल आहें भरते हैं
क़िस्मत वाले वो लोग हैं जो
इन सबसे बच कर रहते हैं
जो राह भटकते राही हैं
मैं उनको राह दिखाता हूँ
है नाम मेरा ‘कुंदन अभिनव’
मै गीत हमेशा गाता हूँ
मैं भी इंसान अच्छा था
और प्यार सबों से करता था
नफरत करते थे लोग मुझे
क्योंकि दिल मेरा सच्चा था
थोड़ा सा झूठ जो अपनाया
अब प्यार सबों का पाता हूँ
है नाम मेरा ‘कुंदन अभिनव’
मै गीत हमेशा गाता हूँ
No comments:
Post a Comment