हँसते ज़ख़्म
Sunday, 11 October 2020
वह ग़रीब लाचार भला क्यूँ कर देखे!
वह ग़रीब लाचार भला क्यूँ कर देखे
राजा अपनी हार भला क्यूँ कर देखे
धरम-जाति के बल पर सत्ता पाते हैं
मानवता का प्यार भला क्यूँ कर देखे
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment